सपा में जिला पंचायत सदस्य उम्मीदवार तय करने में मनमानी के आरोप, हर रोज आ रहीं शिकायतें

पंचायत चुनाव के बीच टिकट न पाने वाले पार्टी कार्यकर्ता प्रदेश मुख्यालय में डेरा डाले हुए हैं। सपा कार्यालय में प्रतिदिन तीन से चार जिलों के पदाधिकारी जिला कमेटी की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए प्रदेश कार्यालय ने सभी जिला अध्यक्षों को सचेत रहने और आरोपों की जांच कराने की चेतावनी दी है।

समाजवादी पार्टी प्रदेश कार्यालय ने जिला पंचायत सदस्य उम्मीदवार तय करने की जिम्मेदारी संबंधित जिले के जिला कमेटी को सौंपी है। इसके लिए संभावित उम्मीदवारों के साक्षात्कार लिए गए। फिर प्रदेश कार्यालय से अनुमोदन लेकर सूची जारी की गई। पहले और दूसरे चरण में शामिल करीब 38 जिलों में नामांकन शुरू हो गया है।

तीसरे चरण में शामिल कुछ जिलों की सूची भी जारी की जा चुकी है। अब तक करीब 50 से ज्यादा जिलों में सूची जारी हो गई है। साक्षात्कार देने के बाद भी पार्टी समर्थित उम्मीदवार घोषित नहीं होने वाले पार्टी के पदाधिकारी प्रदेश मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं।

उनका आरोप है कि व्यापक जनाधार होने के बाद भी जिला कमेटी ने उन्हें तवज्जो नहीं दिया। इस संबंध में वे लिखित सबूत भी उपलब्ध करा रहे हैं। लखनऊ के कमलेश यादव ने तो जिला कमेटी पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इसी तरह फतेहपुर, मिर्जापुर, एटा, शामली सहित अन्य जिलों से भी प्रतिदिन शिकायतकर्ताओं की भीड़ आ रही है। इसे देखते हुए प्रदेश मुख्यालय ने सभी जिला अध्यक्षों को चेतावनी जारी की है।
चुनाव बाद हालात की समीक्षा की जाएगी
कहा गया है कि उम्मीदवारों के चयन करते समय पूरी सावधानी बरती जाए। जिताऊ के साथ निष्ठावान कार्यकर्ताओं को तवज्जो दिया जाए। यह भी कहा गया है कि चुनाव बाद पूरी स्थिति की समीक्षा की जाएगी। गड़बड़ी करने वाले जिला अध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी का कहना है कि शिकायतों को देखकर उसे निस्तारित कराया जाएगा। पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी ना हो इसका पूरी तरह से ध्यान रखा जा रहा है।

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