Spread the love


गोसाईगंज-अयोध्या।(आरएनएस ) जब चारों तरफ अशांति, अज्ञान, अधर्म का बोलबाला था देवता मनुष्य सहित सभी त्राहि-त्राहि कर रहे थे उस समय भगवान का प्रकाट्य होता है। प्रभु का दर्शन जगने वाले को ही प्राप्त होता है

जब भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य हुआ उस समय तीन लोग जग रहे थे देवकी, वसुदेव एवं चंद्रमा। भगवान का जन्म अधर्म पर धर्म की विजय है। उक्त बातें अमसिन बाजार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के चतुर्थ पुष्प का विसर्जन करते हुए कथा व्यास आचार्य सरल जी महाराज ने कही। उन्होंने श्री राम एवं श्री कृष्ण के जन्म की तार्किक मीमांसा करते हुए कहा कि श्री राम जी की मर्यादाओं को व्यवहार में उतारने वाला ही भगवान श्री कृष्ण के चरित्र को समझ सकता है इसीलिए राम जी का जन्म पहले हुआ है। श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन की दशा एवं दिशा दोनों को बदल देता है। भगवान श्री कृष्ण के जन्म पर पांडाल में मौजूद महिलाएं खुशी से नित्य करने लगी फूलों की होली खेली गई व पटाखे छुड़ाए गए। उक्त अवसर पर प्रमुख यजमान रामविलास गुप्ता, सावित्री देवी, प्रधान पिंकी तिवारी, संजय गुप्ता, संतोष गुप्ता, डॉ कृष्ण मुरारी गुप्ता, शिवकुमार वैश्य, संदीप गुप्ता, दिनेश, शशांक, बबलू गुप्ता, दीपक गुप्ता, मोहन गुप्ता, विजय मिश्रा, रज्जू शर्मा, शिवानंद तिवारी,कक्कू तिवारी, रामचेत सोनी, पप्पू गुप्ता, पिंकू गुप्ता मौजूद रहे ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here