मंत्रिमण्डल विस्तार के बाद अब प्रशासनिक फेरबदल की बारी


भोपाल, 04 जनवरी (आरएनएस)।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल हुए मंत्रिमण्डल विस्तार में सिंधिया के साथ आए उनके समर्थक

दो मंत्री तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत की मंत्रि की समयसीमा पूर्ण हो जाने के बाद उनके द्वारा त्यागपत्र दिये जाने के बाद उनको पुन: मंत्रिमण्डल में शामिल कर लिया गया है

अब इस विस्तार के बाद अब प्रशासनिक फेरबदल की चर्चा जोरों पर है क्योंकि लम्ब समय से शिवराज सिंह चौहान की सरकार में चाहे

पुराने 15 वर्ष हों या चौथा कार्यकाल हो दोनों ही कार्यकाल के दौरान मंत्रियों पर अफसरों की मनमानी की शिकायतें जोरों पर थीं

और स्थिति यह हो गई थी कि कई मंत्रियों की अफसरों से पटरी नहीं बैठ रही थी? इसी के मद्देनजर अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रशासनिक फेरबदल करने की तैयारी में जुटे हुए हैं और सीएम की हिदायत भी है

कि अधिकारियों को मंत्रियों के मनमाफिक कार्य करना पड़ेगा। यानि प्रमुख सचिव से लेकर मैदानी अधिकारियों को मंत्रियों की हर हाल में सुननी पड़ेगी।

इसी के चलते प्रशासनिक फेरबदल होने की प्रबल संभावनायें नजर आ रही हैं अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रदेश की नौकरशाही मंत्रियों से किस तरह से पटरी बैठाती है

, जबकि राज्य में शिवराज सरकार के चलते कई अधिकारी प्रशासनिक नीति पर कम बल्कि राजनीति करने में ज्यादा रुचि दिखाई देते नजर आते हैं।

प्रदेश के कई जिलों में आज भी ऐसे अधिकारी बैठे हैं जो शासन की योजनाओं को मुख्यमंत्री की योजना पर रुचि लेते नजर नहीं आ रहे हैं

आज भी कई जिलों में सरकारी योजनाओं के फर्जी आंकड़ों की रंगोली सजाकर मुख्यमंत्री को खुश कर अधिकारी अपनी तिजोरी भरने में लगे हुए हैं

फिलहाल तो अब यह देखना है कि मुख्यमंत्री के  द्वारा प्रशासनिक फेरबदल करने के बाद उनकी मंशा के अनुरूप कितने

प्रशासनिक अधिकारी सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने में रुचि लेते दिखाई देते हैं? यह आनेवाले समय में ही पता चल सकेगा?  
अनिल पुरोहित

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