डेल्‍टा वैरिएंट से सहमा जर्मनी, WHO ने किया खबरदार, कहा- गति पकड़ चुका है वायरस : Delta Variant of Corona

 जर्मन के स्‍वास्‍थ्‍य एजेंसी ने कहा कि देश में डेल्‍डा वैरिएंट के मामले सामने आए है। जर्मनी में नए मामलों में छह फीसद मरीज डेल्‍टा वैरिएंट के हैं। देश में डेल्‍टा वैरिएंट के केस म‍िलने से जर्मनी की सरकार सकते में आ गई है। सरकार अब इस पर पैनी नजर रखे हुए है। उधर, विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने दुनिया को डेल्‍टा वैरिएंट को लेकर आगाह किया है। संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट रफ्तार पकड़ चुका है। अब यह तेजी से फैल रहा है। WHO की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन के मुताबिक, यह वैरिएंट इसलिए तेजी से फैल रहा है क्योंकि इसकी ट्रांसमिसिबिलिटी बढ़ चुकी है।

रूस समेत यूरोप के कई देश सहमे

जर्मनी के शीर्ष सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी ने यह भविष्यवाणी की है कि टीकाकरण दरों में वृद्धि के बावजूद यह तेजी से प्रमुख संस्करण बन जाएगा। इस वायरस ने रूस में भी अपना दायरा बढ़ाया है। रूस में डेल्‍टा वैरिएंट के मरीजों की संख्‍या में वृद्धि हाे रही है। क्रेमलिन ने मॉस्को में रिकॉर्ड नए संक्रमणों के पीछ नए डेल्टा संस्करण को जिम्मेवार बताया है। तीसरी लहर की आशंकाओं को जताया गया। उधर, ब्रिटेन ने डेल्टा संस्करण के साथ संक्रमण में भारी वृद्धि की सूचना दी है।

Delta variant 60% more transmissible, reduces vaccine effect, UK experts  say - Coronavirus Outbreak News

वैरिएंट्स से निपटने और रिसर्च और बेहतर प्लान की जरूरत

कोरोना वायरस से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए सौम्या ने कहा कि अभी तक जितनी वैक्सीन हमारे पास उपलब्ध हैं और जिनका प्रयोग किया जा रहा है, हमें उनके बारे में ज्यादा डेटा की जरूरत है। हम ये जानना चाहते हैं कि किस देश में किस तरह के वैरिएंट और कौन सी वैक्सीन इस्तेमाल की जा रही है। हमारे पास डेटा है, लेकिन अभी कुछ आंकड़े और जरूरी हैं। इसके बाद हम इन वैरिएंट्स से निपटने और रिसर्च के लिए बेहतर प्लान बना सकेंगे।

डेल्टा संस्करण पहली बार भारत में पहचाना गया

इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि कोरोना का डेल्टा संस्करण, जिसे पहली बार भारत में पहचाना गया था। इस बीमारी का विश्व स्तर पर प्रभाव बढ़ता नजर आ रहा है। उन्‍होंने डब्ल्यूएचओ के प्रभावकारिता मानक को पूरा करने के लिए एक परीक्षण में क्योरवैक वैक्सीन की असफलता पर भी निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस अत्यधिक ट्रांसमिसिबल वेरिएंट के लिए अधिक शक्तिशाली वैक्सीन का जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि डेल्टा स्वरूप विश्व में कोविड-19 का सर्वाधिक प्रबल स्वरूप बनता जा रहा है क्योंकि इससे कहीं अधिक तेजी से संक्रमण का प्रसार होता है।

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