जम्मू जम्मू स्थित विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने पहलगाम आतंकी हमले के मामले की जांच के सिलसिले में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है। अदालत ने कहा कि मामले की निष्पक्ष, पूर्ण और प्रभावी जांच के लिए उसकी गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। विशेष एनआईए न्यायालय ने यह आदेश 8 जुलाई को पारित किया।

इससे दो दिन पहले, 6 जुलाई को एनआईए ने पहलगाम आतंकी हमले के मामले में हाफिज सईद के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत के आदेश के अनुसार, एनआईए के निरीक्षक अरुण शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 75 के तहत फरार आरोपी हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आवेदन दायर किया था। आवेदन में उसके विभिन्न उपनामों का भी उल्लेख किया गया है। एनआईए ने अदालत को बताया कि आरोपी जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है। इसलिए मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच को आगे बढ़ाने के लिए उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जाना आवश्यक है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ मामले की निष्पक्ष, पूर्ण और प्रभावी जांच के लिए आवश्यक है। इसी आधार पर अदालत ने हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। एनआईए पहलगाम आतंकी हमले की साजिश और उससे जुड़े आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। एजेंसी ने अपने पूरक आरोपपत्र में हाफिज सईद को भी आरोपी बनाया है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।